Monday, October 26, 2026

 

नेकी कर, दरिया में डाल, पर ध्यान रख,

कहीं दरिया डुबो न दे तुझको।


हर किसी के दर्द को अपना न बना,

अपना ही ग़म खा न जाए तुझको।


दिल बड़ा रख, मगर इतना भी नहीं,

तेरी मासूमी रुला न दे तुझको।


दोस्ती में भी ज़रा दूरी रख,

कोई अपना ही मिटा न दे तुझको।


हर किसी पर ऐतबार करना ठीक नहीं,

कोई झूठा यक़ीन बहका न दे तुझको।


राह में काँटे हैं, पत्थर भी बहुत,

तेरी मंज़िल से हटा न दे तुझको।


राह-ए-ज़िंदगी में सबक़ लेते हुए चल,

कोई गुज़रा हुआ कल सता न दे तुझको।


अपनी ख़ुशियों का भी रख थोड़ा हिसाब,

किसी की चाहत मिटा न दे तुझको।


वक़्त के साथ बदलना भी हुनर है मगर,

कोई दुनिया का रंग बदल न दे तुझको।

No comments:

Post a Comment