नेकी कर, दरिया में डाल, पर ध्यान रख,
कहीं दरिया डुबो न दे तुझको।
हर किसी के दर्द को अपना न बना,
अपना ही ग़म खा न जाए तुझको।
दिल बड़ा रख, मगर इतना भी नहीं,
तेरी मासूमी रुला न दे तुझको।
दोस्ती में भी ज़रा दूरी रख,
कोई अपना ही मिटा न दे तुझको।
हर किसी पर ऐतबार करना ठीक नहीं,
कोई झूठा यक़ीन बहका न दे तुझको।
राह में काँटे हैं, पत्थर भी बहुत,
तेरी मंज़िल से हटा न दे तुझको।
राह-ए-ज़िंदगी में सबक़ लेते हुए चल,
कोई गुज़रा हुआ कल सता न दे तुझको।
अपनी ख़ुशियों का भी रख थोड़ा हिसाब,
किसी की चाहत मिटा न दे तुझको।
वक़्त के साथ बदलना भी हुनर है मगर,
कोई दुनिया का रंग बदल न दे तुझको।