Saturday, March 21, 2026

हर पल का हिसाब रखा

तेरी आमद के लिए

पर मेरे इंतजार का

कोई हिसाब नहीं मिला


किताबों के ढेर में

हर मौसम, बहार मिली

पर किसी किताब में

सूखा गुलाब नहीं मिला


उसने ख़त में अपने सारे

जज़्बात लिख दिए

बस मेरे सवाल का

कोई जवाब नहीं मिला


नज़र ने ढूँढा जिसे

वो इंतख़ाब नहीं मिला

वो शख्स तो मिला मगर

उसका हिजाब नहीं मिला


~ Vishal

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