Monday, April 6, 2026

 वो जो कहते थे  

तुम्हारे बिन एक पल भी न रह पाएंगे  

जी न पाएंगे  

मर जाएंगे  


तुम घर हो और ख़ुदा का दर भी  


उसने मेरे ही शहर में अपना घर सजाया है  

घर को ही इबादतगाह बनाया है  


उसे झुठलाए पर शर्म की बात होगी  

ये शै तो मेरे नाम होगी


~ After reading 'Jaun'